ग्रो बैग साइज़ गाइड: भारतीय सब्ज़ियों के लिए कौन सा साइज़ सही है?
छत पर या बालकनी में सब्जी पैदा करते हैं तो आप को ग्रो बैग का साइज़ के बारे मे पता होना सब से जरूरी है क्यों की गलत साइज़ का grow bag मतलब कमज़ोर पौधे, कम पैदावार, और बर्बाद मेहनत।
यहाँ हम ने कुछ साइज़ की हिसाब आप को बटने की कोसिस की है की कोन सी सब्जी के लिए कोन सी size का Grow bag को काम मे लेना चाहिए ।
Grow bags साइज़ कैसे तय होता है?
Grow bags चुनने के लिए मुख्य 3 चीज़ें मायने रखती हैं: जड़ की गहराई, पौधे का फैलाव, और पानी की ज़रूरत।
छोटे बैग में जड़ें दबती हैं और पौधा जल्दी पानी माँगता है। गर्मियों में तो दिन में दो बार पानी देना पड़ता है।
बड़े बैग में मिट्टी ज़्यादा होती है, नमी बनी रहती है, और जड़ों को फैलने की जगह मिलती है लेकिन वज़न भी ज़्यादा होता है — छत की load capacity देखकर चलें।
पत्तेदार सब्ज़ियाँ — 9×9 इंच
पालक, मेथी, धनिया, पुदीना — इनकी जड़ें उथली होती हैं। 6 से 8 इंच गहराई काफ़ी है। इन सब्जियों के लिए आप काम गहराई के grow bags भी उपयोग मे ले सकते है।
पालक और मेथी के लिए 9×9 इंच का बैग ठीक है। एक बैग में 8 से 10 पौधे लगा सकते हैं।
धनिया थोड़ा अलग है। यह जल्दी बोल्ट करता है — यानी फूल निकाल देता है। छाया वाली जगह और 10×10 इंच बैग में ज़्यादा दिन चलता है।
पुदीना कहीं भी उग जाता है, पर इसे अलग बैग में रखें। दूसरे पौधों की जगह लेता है।
टमाटर — 12×12 से 14×14 इंच
यह सबसे ज़्यादा पूछा जाने वाला सवाल है।
आगर आप देसी टमाटर की किस्मों पैदा करना चाहते हो तो उस के लिए 12×12 इंच का grow Bags सही काम करता है। हाइब्रिड किस्में — जैसे पूसा रूबी या अर्का रक्षक — 14×14 इंच माँगती हैं।
एक 14×14 इंच बैग में एक ही पौधा लगाएँ। दो लगाने की गलती नहीं करनी चाहिए — दोनों पेड़ कमज़ोर रहेंगे और कम पैदावार देगें ।
मुंबई या चेन्नई जैसी उमस भरी जगहों में बैग के नीचे ईंट रखें ताकि हवा लगे। वरना जड़ें सड़ने का डर रहता है।
मिर्च और शिमला मिर्च — 10×10 से 12×12 इंच
हरी मिर्च — छोटी किस्में जैसे ज्वाला या जोवा मिर्च — 10×10 इंच में भी ठीक से उगाया जा सकता है।
शिमला मिर्च की जड़ें गहरी जाती हैं तो आप को कम से कम 12×12 इंच या उस से थोड़ा बाद ग्रोव बैग्स का उपयोग करना ठीक रहता है नहीं तो पेड़ से कम और छोटे फल रहते हैं।
एक बात ध्यान रखें — मिर्च के पौधे को धूप पसंद है, पर बहुत तेज़ दोपहर की धूप से पत्तियाँ जलती हैं। अगर तापमान 40°C से ऊपर जाए तो 50% शेड नेट लगाएँ जिस से पौधा सुरकसित रहे।
बैंगन — 12×12 से 14×14 इंच
बैंगन भारी पौधा है और 3 से 4 किलो तक फल देता है एक सीज़न में।
12×12 इंच में पौधा उगता तो है पर फल कम देता है। 14×14 इंच में लगाएँ और बाँस की एक छड़ी लगाएँ सहारे के लिए।
बरसात में बैंगन को ज़्यादा देखभाल की जरूरत होती क्यों की फंगस जल्दी लगती है। हर 10 दिन में नीम तेल का स्प्रे करें।
करेला, लौकी, तुरई — 14×14 से 18×18 इंच
बेल वाली सब्ज़ियाँ सबसे ज़्यादा जगह माँगती हैं।
करेले के लिए 14×14 इंच ठीक है पर लौकी को 18×18 इंच चाहिए। इनके लिए एक मज़बूत जाली या बाँस की संरचना बनानी पड़ती है — बैग के बगल में, ज़मीन में या दीवार से टिकाकर।
लोग अक्सर एक ग़लती करते हैं — बेल को बहुत जगह नहीं देते हर बेल वाले पौधे को कम से कम 3 फीट की जगह तो चाहिए ही फैलने के लिए।
भिंडी — 10×10 से 12×12 इंच
भिंडी के पौधे की जड़ें गहरी जाती हैं — 12 इंच तक।
10×10 इंच के बैग में पौधा उगता है पर 12×12 इंच में पैदावार 30 से 40% ज़्यादा होती है।
एक बैग में 2 पौधे लगाएँ। भिंडी को परागण के लिए दूसरे पौधे की ज़रूरत होती है।
आलू — 15×15 से 16×16 इंच
आलू के लिए ग्रो बैग शानदार काम करता है।
16×16 इंच के बैग में नीचे 6 इंच मिट्टी भरें फिर बीज आलू रखें, ऊपर 4 इंच मिट्टी डालें। जब पत्तियाँ 6 इंच ऊँची हो जाएँ तो मिट्टी और चढ़ाएँ। इसे "hilling" कहते हैं। इससे आलू की संख्या बढ़ती है।
एक 16×16 इंच बैग से 1.5 से 2 किलो आलू मिल सकते हैं।
प्याज़ और लहसुन — 9×9 से 10×10 इंच
इनकी जड़ें बहुत उथली होती हैं — 4 से 6 इंच।
9×9 इंच के बैग में 6 से 8 प्याज़ के बल्ब लगा सकते हैं। लहसुन की कलियाँ हर 3 इंच पर लगाएँ।
ये दोनों अच्छी जल निकासी माँगते हैं।
साइज़ का त्वरित संदर्भ
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सब्ज़ी |
न्यूनतम साइज़ |
आदर्श साइज़ |
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पालक, मेथी |
9×9 इंच |
10×10 इंच |
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धनिया, पुदीना |
9×9 इंच |
10×10 इंच |
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प्याज़, लहसुन |
9×9 इंच |
10×10 इंच |
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मिर्च |
10×10 इंच |
12×12 इंच |
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भिंडी |
10×10 इंच |
12×12 इंच |
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टमाटर |
12×12 इंच |
14×14 इंच |
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बैंगन |
12×12 इंच |
14×14 इंच |
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करेला |
14×14 इंच |
15×15 इंच |
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आलू |
15×15 इंच |
16×16 इंच |
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लौकी, तुरई |
16×16 इंच |
18×18 इंच |
एक आख़िरी बात
बड़े शहरों में — दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, अहमदाबाद — छतों पर गर्मी ज़्यादा होती है। काले ग्रो बैग धूप में और गर्म होते हैं। अगर संभव हो, हल्के रंग के बैग चुनें या काले बैग को किसी कपड़े से ढकें। जड़ों का तापमान 35°C से कम रहे तो पौधा खुश रहता है।
सही साइज़ चुनने के बाद — अच्छी मिट्टी, समय पर पानी, और थोड़ी धूप — बाकी काम पौधा खुद कर लेता है।